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Anurag Kulshreshth/New Delhi

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को राजधानी के परिवहन तंत्र और श्रमिक नीतियों को लेकर अपनी सरकार की उपलब्धियों का विस्तृत ब्यौरा पेश किया। उन्होंने कहा कि कभी 65,000 करोड़ रुपये के भारी घाटे में डूबा दिल्ली परिवहन निगम (DTC) अब धीरे-धीरे सुधार की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
DTC की वित्तीय स्थिति सुधारने पर काम
DTC के नए मुख्यालय के शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि 150 करोड़ रुपये की लागत से 12 मंजिला आधुनिक भवन का निर्माण किया जाएगा, जिससे परिवहन प्रणाली के संचालन और प्रबंधन को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाया जा सकेगा। मुख्यमंत्री गुप्ता ने कहा कि उनकी सरकार न केवल DTC की वित्तीय स्थिति सुधारने पर काम कर रही है, बल्कि पिछली सरकारों से मिली देनदारियों को भी व्यवस्थित तरीके से निपटाया जा रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि दिल्ली में इस समय 6100 इलेक्ट्रिक बसें संचालित हो रही हैं, जो देश में किसी भी शहर के मुकाबले सबसे अधिक हैं।

पूर्व सरकारों की कार्यशैली पर सवाल
अपने संबोधन में उन्होंने पूर्व सरकारों की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार काम पर विश्वास करती है, न कि उसके प्रचार पर। उनके अनुसार, पहले अलग-अलग कार्यक्रमों के नाम पर बार-बार उद्घाटन और विज्ञापन पर अधिक खर्च किया जाता था, जबकि वर्तमान सरकार संसाधनों के बेहतर उपयोग पर ध्यान दे रही है।
गिग वर्कर्स की भूमिका महत्वपूर्ण
बदलती अर्थव्यवस्था में गिग वर्कर्स की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए मुख्यमंत्री ने उनके अधिकारों और सामाजिक सुरक्षा को सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि ऐप आधारित सेवाओं से जुड़े लाखों कामगार अब अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा हैं और सरकार उनकी समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कदम उठाएगी।
मुख्यमंत्री के इस बयान को परिवहन सुधार और श्रमिक कल्याण के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, साथ ही यह आगामी समय में सरकार की प्राथमिकताओं का संकेत भी देता है।
