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Kranti Kalpana/New Delhi
भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट 2026 में ‘फोकस स्टेट’ के रूप में बिहार ने अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराते हुए ऊर्जा क्षेत्र में तेजी से उभरते निवेश केंद्र के रूप में खुद को स्थापित किया है। यशोभूमि, नई दिल्ली में आयोजित इस वैश्विक मंच पर बिहार ने अपनी उपलब्धियों, नीतियों और भविष्य की योजनाओं को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।
समिट के पहले दिन बिहार पैवेलियन का उद्घाटन राज्य के ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने किया। इस अवसर पर ऊर्जा विभाग के सचिव मनोज कुमार सिंह और नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक राहुल कुमार भी मौजूद रहे। हॉल नंबर 2 के स्टैंड 2E51 पर स्थापित यह पैवेलियन निवेशकों और प्रतिनिधियों के बीच आकर्षण का केंद्र बना रहा।
कार्यक्रम के दौरान बिहार ने न केवल अपने ऊर्जा क्षेत्र में हुए सुधारों को प्रदर्शित किया, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंत्रिस्तरीय बैठकों और सीईओ स्तर की चर्चाओं में सक्रिय भागीदारी के जरिए वैश्विक संवाद में भी अपनी भूमिका मजबूत की। निवेशकों के साथ सीधे संवाद और संभावित साझेदारियों पर मंथन ने राज्य के प्रति बढ़ते भरोसे को भी दर्शाया।
पिछले दो दशकों में बिहार के बिजली क्षेत्र में व्यापक बदलाव देखने को मिले हैं। वर्ष 2005 में जहां राज्य को 700 मेगावाट से भी कम बिजली उपलब्ध होती थी, वहीं अब 8,700 मेगावाट से अधिक की मांग पूरी की जा रही है। राज्य के 2.2 करोड़ से अधिक उपभोक्ता बिजली नेटवर्क से जुड़ चुके हैं और लगभग हर घर तक बिजली पहुंच चुकी है।
इंफ्रास्ट्रक्चर के स्तर पर भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है। संचारण क्षमता में करीब 20 गुना वृद्धि, वितरण नेटवर्क का पांच गुना विस्तार और ग्रिड सबस्टेशनों की संख्या में बड़ा इजाफा राज्य के मजबूत विद्युत ढांचे को दर्शाता है। वित्त वर्ष 2025 में वितरण कंपनियों का ₹2,000 करोड़ से अधिक लाभ में पहुंचना और AT&C हानियों का राष्ट्रीय औसत से नीचे आना इस बदलाव की पुष्टि करता है।

डिजिटल क्षेत्र में बिहार ने अग्रणी भूमिका निभाते हुए 87 लाख से अधिक स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए हैं, जिससे पारदर्शिता और राजस्व संग्रहण में सुधार हुआ है। साथ ही ERP सिस्टम, केंद्रीकृत कमांड सेंटर और आईटी डैशबोर्ड जैसी व्यवस्थाओं ने ऊर्जा प्रबंधन को अधिक कुशल बनाया है।
भविष्य की योजनाओं के तहत राज्य ने अगले पांच वर्षों में 81,000 करोड़ रुपये के निवेश से ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ करने का लक्ष्य रखा है। इसमें पावर जनरेशन, ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन क्षेत्रों में बड़े स्तर पर निवेश शामिल है।
रिन्यूएबल एनर्जी के क्षेत्र में भी बिहार ने महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किए हैं। वर्ष 2030 तक 24 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा और 6.1 गीगावाट ऊर्जा भंडारण क्षमता विकसित करने की योजना है। कजरा सोलर प्रोजेक्ट और बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) जैसे प्रोजेक्ट्स राज्य की स्वच्छ और भरोसेमंद ऊर्जा दिशा को मजबूत करते हैं।
कुल मिलाकर, भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट 2026 में बिहार की भागीदारी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि राज्य अब ऊर्जा क्षेत्र में केवल भागीदार नहीं, बल्कि नेतृत्व की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और निवेश, नवाचार व विकास का नया केंद्र बनने की ओर अग्रसर है।
