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ईरान का विद्रोह थम नहीं रहा! अस्पतालों में लाशों की ढेर, अमेरिका कर रहा हमले की तैयारी- TOP 10 UPDATE

Iran Protest Updates: ईरान की सरकार सख्त हो गई है, वहां इंटरनेट बंद कर दिया गया है, मौतों के आंकड़ें छिपाएं जा रहे हैं. इसके बावजूद कम से कम 538 मौतों की पुष्टि हुई है.

ईरान में पिछले कई वर्षों के सबसे बड़े विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. सरकार सामूहिक हत्याओं का सहारा ले रही है
मानवाधिकार संगठनों ने कम से कम 538 प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों की मौत की पुष्टि की है.
ईरान सरकार ने इंटरनेट और फोन सेवाएं बंद कर दी हैं. कुछ रिपोर्टों में हत्याओं की संख्या 2000 से अधिक बताई गई है

ईरान में जनता का विद्रोह शांत होने का नाम नहीं ले रहा है. मानवाधिकार समूहों का कहना है कि ईरान के अंदर कई सालों में सबसे बड़ा विरोध प्रदर्शन हो रहा है और इसे कुचलने के लिए वहां की सरकार "सामूहिक हत्याएं" कर रही हैं. ईरान की सरकार सख्त हो गई है, वहां इंटरनेट बंद कर दिया गया है, मौतों के आंकड़ें छिपाएं जा रहे हैं. इसके बावजूद कम से कम 538 मौतों की पुष्टि हुई है. दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान पर किसी समय हमले की बात कर रहे हैं, जबकि ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की सरकार किसी हमले की सूरत में जवाबी कार्रवाई की बात कर रही है. चलिए आपको अबतक के 10 बड़े अपडेट बताते हैं.

1). बीबीसी ने तेहरान के निकट एक मुर्दाघर के फुटेज में लगभग 180 बॉडी बैगों की गिनती की है. अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट्स न्यूज एजेंसी का कहना है कि उसने ईरान में 495 प्रदर्शनकारियों और 48 सुरक्षाकर्मियों की मौत की पुष्टि की है. नॉर्वे स्थित NGO ईरान ह्यूमन राइट्स (आईएचआर) ने कहा, "असत्यापित रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि कम से कम कई सैकड़ों और कुछ स्रोतों के अनुसार, 2,000 से अधिक लोग मारे गए होंगे". इसने ईरान की सरकार की कार्वाई को "सामूहिक हत्या" बताकर उसकी निंदा की है.

2). ईरान में इंटरनेट बंद होने और फोन लाइनें कट जाने से यहां होने वाले प्रदर्शनों और उसमें होने वाली मौतों का सही अंदाजा लगाना और भी मुश्किल हो गया है. ईरान की सरकार ने अबतक हुई कुल मौतों का आधिकारिक आंकड़ा नहीं दिया है.

3). अमेरिका ईरान पर हमले कर सकता है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले ही चेतावनी दी थी कि अगर ईरान की सरकार अपनी प्रदर्शनकारी जनता पर हिंसक कार्रवाई करती है तो अमेरिका के मिसाइल हमले के लिए तैयार हैं. अब ईरान की स्थिति पर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है, "ऐसा लगता है कि (रेखा पार कर दी गई है)... कुछ लोग, जिन्हें मारा नहीं जाना चाहिए था, मार दिए गए हैं... अगर आप नेताओं के बारे में बात करते हैं, तो मुझे नहीं पता कि वे नेता हैं या सिर्फ हिंसा के जरिए शासन करते हैं... लेकिन हम और सेना इसे बहुत गंभीरता से देख रहे हैं, और हम कुछ बहुत मजबूत विकल्पों पर विचार कर रहे हैं...

4). "वॉल स्ट्रीट जर्नल ने बताया कि ट्रंप को मंगलवार को उनकी टीम द्वारा सैन्य हमलों, गुप्त साइबर हथियारों का उपयोग करने, प्रतिबंधों को बढ़ाने और ईरान की सरकार के विरोधी स्रोतों को ऑनलाइन सहायता प्रदान करने सहित विकल्पों के बारे में जानकारी दी जाएगी.

5). ईरान के संसद अध्यक्ष ने चेतावनी दी कि यदि अमेरिका ने हमला किया, तो क्षेत्र में इजरायल और अमेरिका के सैन्य और शिपिंग केंद्र को ईरान अपना लक्ष्य बना लेगा. यानी उनपर हमला करेगा.

6). बढ़ती महंगाई को लेकर शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन अब ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के लिपिक शासन को समाप्त करने की मांग कर रहा है. प्रदर्शन 28 दिसंबर को ईरान की करेंसी रियाल के कमजोर होने के साथ शुरू हुआ. 1 डॉलर की कीमत 1.4 मिलियन रियाल से अधिक हो चुकी है, क्योंकि देश की अर्थव्यवस्था अपने परमाणु कार्यक्रम पर लगाए गए अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों से प्रभावित है.

7). ईरान की जनता का विद्रोह हिंसक होता जा रहा है. ईरान के अटॉर्नी जनरल ने कहा कि विरोध करने वाले किसी भी व्यक्ति को "अल्लाह का दुश्मन" माना जाएगा. जबकि खामेनेई ने प्रदर्शनकारियों को ट्रंप को "खुश" करने की कोशिश करने वाले "बदमाशों के झुंड" बताकर खारिज कर दिया है.

8). रविवार को ईरान की सरकार ने "अमेरिका और इजरायल के खिलाफ ईरानी राष्ट्रीय लड़ाई में मारे गए शहीदों" के लिए तीन दिनों के शोक की घोषणा की.

9). ईरान के अपदस्थ शाह के बेटे (क्राउन प्रिंस) रेजा पहलवी ने रविवार को ईरान की सेना और सरकारी कर्मचारियों से जनता के विरोध आंदोलन में शामिल होने का आग्रह किया. अमेरिका में निर्वासन की जिंदगी जीने वाले पहलवी ने कहा, "सरकारी संस्थानों के कर्मचारियों, साथ ही सशस्त्र और सुरक्षा बलों के सदस्यों के पास एक विकल्प है: लोगों के साथ खड़े हों और राष्ट्र के सहयोगी बनें, या लोगों के हत्यारों के साथ हाथ मिलाने का विकल्प चुनें.

10). "ईरान के कई अस्पतालों के कर्मचारियों ने बीबीसी को बताया है कि हाल के दिनों में ये हॉस्पिटल मरे हुए या घायल प्रदर्शनकारियों से भर गए हैं. बीबीसी फारसी ने पुष्टि की है कि शुक्रवार रात रश्त शहर के सिर्फ एक हॉस्पिटल में 70 शव लाए गए थे, जबकि तेहरान अस्पताल के एक स्वास्थ्य कार्यकर्ता ने बीबीसी को बताया: "लगभग 38 लोगों की मौत हो गई. युवाओं के सिर पर सीधे गोली मार दी गई है, उनके दिल पर भी. उनमें से कई तो अस्पताल तक भी नहीं पहुंचे."
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