महिलाओं की सुरक्षा सुविधा और सशक्तिकरण के प्रति संवेदनशील होना जरूरी पटना में जेंडर रिस्पॉन्सिवबजटिंग (GRB)पर राज्य स्तरीय समीक्षा

पटना, 17 दिसंबर : समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत महिला एवं बाल विकास निगम, बिहार ने बुधवार को पटना में राज्य स्तरीय जेंडर रिस्पॉन्सिव बजटिंग (GRB) समीक्षा बैठक-सह-कार्यशाला का आयोजन किया गया।यह बैठक सचिव, समाज कल्याण विभाग-सह-प्रबंध निदेशक, श्रीमती बंदना प्रेयषी की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में बिहार सरकार के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने सहभागिता की।
बैठक का मुख्य उद्देश्य महिला-केंद्रित योजनाओं हेतु किए गए बजटीय प्रावधानों को अधिक प्रभावी बनाना, उनके क्रियान्वयन की नियमित निगरानी सुनिश्चित करना तथा जेंडर-संवेदनशील बजटिंग के माध्यम से समावेशी विकास को सुदृढ़ करना था। बैठक को संबोधित करते हुए श्रीमती बंदना प्रेयषी ने कहा कि जेंडर का उद्देश्य महिलाओं एवं बालिकाओं के जीवन में सकारात्मक और व्यावहारिक बदलाव लाने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि सभी विभागों को महिला-केंद्रित योजनाओं के लिए उपलब्ध कराए गए संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने हेतु नियमित समीक्षा, बेहतर योजना निर्माण और प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि निगरानी एक सतत प्रक्रिया है और यह एक नियमित दायित्व के रूप में सभी विभागों द्वारा अपनाई जानी चाहिए। सचिव ने कहा कि महिलाओं की वास्तविक सहायता कैसे हो, इस पर गंभीरता से सोचने की आवश्यकता है। पिंक बस जैसी पहलें यह दर्शाती हैं कि सही सोच और व्यावहारिक कदम महिलाओं की सुरक्षा और आत्मविश्वास को मजबूत करते हैं। उन्होंने कार्यस्थलों एवं सार्वजनिक स्थलों पर पर्याप्त शौचालय सुविधाएं, सीसीटीवी कैमरे तथा सुरक्षित आधारभूत संरचना उपलब्ध कराने पर बल देते हुए कहा कि महिलाओं की सुरक्षा एवं सशक्तिकरण एक सामूहिक प्रक्रिया है, जिसमें सभी को संवेदनशील होना होगा। कार्यशाला की रूपरेखा एवं स्वागत संबोधन उपसचिव, महिला एवं बाल विकास निगम, बिहार, श्रीमती मार्गन सिन्हा द्वारा प्रस्तुत
किया गया।
कार्यशाला में UN Women एवं Centre for Catalyzing Change की प्रतिनिधि श्रीमती गुंजन बिहारी, वित्त विभाग के अवर सचिव श्री नंद किशोर मेहता तथा बिहार इंस्टिट्यूट ऑफ पब्लिक फाइनेंस एंड पॉलिसी की फैकल्टी डॉ. बरना गांगुली द्वारा जेंडर बजटिंग, जेंडर बजट स्टेटमेंट एवं जेंडर बजट सेल की भूमिका पर केंद्रित महत्वपूर्ण प्रस्तुतियाँ दी गईं। सत्रों के माध्यम से अधिकारियों को जेंडर- संवेदनशील योजना निर्माण एवं बजट विश्लेषण की व्यावहारिक समझ प्रदान की गई। कार्यशाला के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा की गई तथा जेंडर-संवेदनशील बजटिंग को और अधिक सुदृढ़ बनाने हेतु आवश्यक सुझावों पर विस्तृत चर्चा की गई।



