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अनुराग कुलश्रेष्ठ
नई दिल्ली/गुरुग्राम
भारत में तेजी से विस्तार कर रहे विमानन क्षेत्र ने रोजगार के नए अवसरों को जन्म दिया है। बढ़ती हवाई यात्रा, नए एयरपोर्ट्स का विकास और UDAN (Ude Desh ka Aam Nagrik) जैसी योजनाओं के प्रभाव से देश में विमान सेवाओं का दायरा लगातार बढ़ रहा है। इसी के साथ Aircraft Maintenance Engineering (AME) एक स्थायी और महत्वपूर्ण करियर विकल्प के रूप में तेजी से उभर रहा है।विमानन विशेषज्ञों के अनुसार, देश में बढ़ते विमान बेड़े के चलते प्रशिक्षित और लाइसेंसधारी AME पेशेवरों की मांग लगातार बढ़ रही है। DGCA (Directorate General of Civil Aviation) के कड़े सुरक्षा मानकों के कारण इस क्षेत्र में केवल योग्य इंजीनियरों को ही जिम्मेदारी दी जाती है, जिससे इसकी विश्वसनीयता और महत्व दोनों बढ़ जाते हैं।Aircraft Maintenance Engineering हर उड़ान से पहले विमान की तकनीकी जांच और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करना इन इंजीनियरों की प्राथमिक जिम्मेदारी होती है।

स्टेटमेंट
स्टार एवियशन अकैडमी गुरुग्राम के डायरेक्टर का अध्यक्ष श्री एस.एस गिल ने विशेष इंटरव्यू में इस विषय पर बोलते हुए कहा कि “भारत में तेजी से बढ़ रही एविएशन इंडस्ट्री युवाओं के लिए नए अवसर लेकर आई है, लेकिन इसके साथ जिम्मेदारी भी उतनी ही बड़ी है। AME ऐसा क्षेत्र है जहां केवल तकनीकी ज्ञान ही नहीं, बल्कि अनुशासन और सुरक्षा के प्रति सजगता अत्यंत आवश्यक है।
आज आवश्यकता इस बात की है कि युवा केवल डिग्री तक सीमित न रहें, बल्कि कौशल और लाइसेंस आधारित प्रोफेशनल बनें। सही प्रशिक्षण और व्यावहारिक अनुभव के माध्यम से ही वे इस क्षेत्र में अपनी विश्वसनीय पहचान बना सकते हैं और देश की एविएशन सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।”

“विमानन मेंटेनेंस इंजीनियरिंग प्रशिक्षण के क्षेत्र में कार्यरत संस्था के माध्यम से प्लेसमेंट के सकारात्मक परिणाम भी सामने आ रहे हैं। संस्थान में पिछले वर्षों में भी कोर्स पूर्ण होने के उपरांत छात्रों को शत-प्रतिशत प्लेसमेंट उपलब्ध कराया जा रहा है। अभिभावक एवं छात्र इस क्षेत्र से जुड़ी करियर मार्गदर्शन के लिए गुरुग्राम स्थित Star Aviation Academy में संवाद कर सकते हैं।
इसी क्रम में इस माह एयर इंडिया और इंडिगो जैसी प्रमुख एयरलाइंस द्वारा कैंपस प्लेसमेंट आयोजित किए गए, जिसमें लगभग 19 छात्र-छात्राओं का चयन हुआ, जिनमें से 10 का चयन एयर इंडिया में हुआ है। AirIndia एवं IndiGo एविएशन इंडस्ट्री का बड़ा नाम है और बहुत वृहद स्तर पर रिक्रूटमेंट प्रोसेस कर रही है।
अभी छात्रों में इस विषय की जागरूकता नहीं है और अभिभावक भी इस दिशा में विचार नहीं कर रहे परंतु यह क्षेत्र संभावनाओं से भरा हुआ है।”
AME क्षेत्र में करियर की शुरुआत प्रशिक्षण और लाइसेंस प्राप्त करने के बाद होती है। फ्रेशर एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियर (AME) की शुरुआती सैलरी आम तौर पर ₹3.5 लाख से ₹7 लाख प्रति वर्ष प्रति माह तक के अवसर मिलते हैं। अनुभव और विशेषज्ञता के के साथ सैलरी एवं सुविधा और अधिक तक पहुंच सकती है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस क्षेत्र में आकर्षक अवसर उपलब्ध हैं। 12वीं (PCM) के विद्यार्थी AME कोर्स के माध्यम से कम समय में एक कौशल-आधारित और लाइसेंसयुक्त करियर की ओर बढ़ सकते हैं।
Aircraft Maintenance Engineering आज के समय में एक ऐसा क्षेत्र बन चुका है, उजावलय भविष्य के रोजगार के साथ जिम्मेदारी और तकनीकी दक्षता का संतुलन देखने को मिलता है। यात्रियों की सुरक्षा की अहम जिम्मेदारी इन इंजीनियरों पर निर्भर करती है, जिससे इस पेशे का महत्व और बढ़ जाता है।
